देश की पहली बुलेट ट्रैन, और कितना हो सकता है इसका किराया
आज के समय में वही देश तेजी से आगे बढ़ रहा है जिसके पास यतायात और ट्रांसपोर्ट के तेज साधन है। आसमान में तो सबसे तेज अभी ऐरोप्लाने ही यतायात का साधन है मगर जमीन में तो अधिकतर विकसित देशो में बुलेट ही सबसे तेज यतायात का साधन है. जिसकी जरूरत हमारे देस को भी महसूस हुई और हमारे देश ने जापान से बुलेट ट्रैन को लेन की पहल की.
बुलेट ट्रैन कार्य
इस कॉरीडोर का काम 2017 के अंत में शुरू हुआ और 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है.
यह मुंबई और अहमदाबाद के बीच करीब 508 K.M. में चलेगी देश की पहली बुलेट ट्रैन। जिसका 155 K.M. हिस्सा महाराष्ट्र में,4.4 K.M.,हिस्सा दादरा नगर हवेली 308 हिस्सा गुजरात में है। जिसको बनाने का काम एक भारतीय और दूसरी जापानी कम्पनी को 108000 करोड़ रूपए में बनाने का ठेका मिला है। जिसमे से 88000 करोड़ रुपए (81%) जापान की अंतराष्ट्रीय सहयोगी एजेंसी (jica )भारत को 50 के लिए साल कर्ज के रूप में देगी. कर्ज चुकाने के लिए १५ साल का ग्रसे पीरियड मिलेगा ,इसका मतलब यह है की बुलेट ट्रैन के लिए कर्ज में मिले रुपए की क़िस्त १५ साल बाद शुरू होगी।
कितनी होगी बुलेट ट्रैन की स्पीड और कुल कितने स्टेशन बनेगे
देस की पहलीं बुलेट ट्रैन २०२३ के अंत तक दौड़ सकेगी जिसकी स्पीड लगभग 320 k.m. प्रति घंटा होगी. यह ट्रैन मुंबई से अहमदाबाद की दुरी को महज २ घंटे में तय कर पाएगी इस बीच यह ट्रैन 12 स्टेशन में रुकेगी. इसमें खास बात यह होगी की यह ज्यादातर जगहो पर एलिवेटेड होगी और 7 K.M. का हिस्सा समुद्र के नीचे भी होगा।
कितना हो सकता ट्रैन का किराया।
मुंबई - अहमदाबाद के बेच दौडने वाली ट्रैन का किराया अभी स्पस्ट नहीं हुआ है हलाकि इसके किराया 3000 रुपए हो सकता है।
बुलेट ट्रेन के फायदे
1. बुलेट ट्रैन निर्माण के दौरान 25000 लोगो को सीधा रोजगार मिलेगा, साथ ही निर्माण पूरा होने के बाद भी लोगो को रोजगार मिलेगा
2 . यातायात में लगने वाला समय 4 घाटे से महज 2 घंटे का हो जायगा
3 . बड़े शहरो में ब्यापार को बढ़ावा मिलेगा
4 . बुलेट ट्रैन के आ जाने के बाददोनों शहरो के बीच यातायात का दूसरा साधन भी होगा जिससे सड़को पर काम बोझ पड़ेगा

